नगर नियोजन एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने भराड़ी में अजमेरपुर ग्रीष्मोत्सव मेले का शुभारंभ किया
बिलासपुर, 2 अप्रैल – नगर नियोजन एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत भराड़ी में आयोजित अजमेरपुर ग्रीष्मोत्सव मेले का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने स्थानीय जनता को संबोधित करते हुए मेले की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता पर प्रकाश डाला।
श्री धर्माणी ने कहा कि नलवाड़ मेला न केवल स्थानीय व्यापारियों और पशुपालकों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है, बल्कि यह क्षेत्रीय संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक भी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पारंपरिक मेलों और उत्सवों को संरक्षित और प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न स्टॉलों का दौरा किया और व्यापारियों एवं स्थानीय कारीगरों से बातचीत की। उन्होंने मेले के दौरान आयोजित होने वाले विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं की सराहना की तथा स्थानीय कलाकारों के प्रदर्शन को सराहनीय बताया।
उन्होंने कहा कि ऐसे मेले न केवल व्यापार को बढ़ावा देते हैं, बल्कि पर्यटन और स्थानीय उद्योगों के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सरकार मेलों के आयोजन में आवश्यक सुविधाएं और संसाधन प्रदान करने के लिए सतत प्रयासरत है।
उन्होंने कहा कि मेले के दौरान कई मनोरंजक और पारंपरिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, जो आगामी दिनों में लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रहेंगी।
उन्होंने कहा कि भराड़ी क्षेत्र निरंतर विकास की ओर अग्रसर हो रहा है। जलशक्ति विभाग का सबडिवीजन खोला गया है क्षेत्र चारों तरफ से सड़कों से जुड़ा हुआ है।
क्षेत्र विकास पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि लोगों को बेहतर यातायात की सुविधा प्रदान करने के लिए सड़कों को अपग्रेड किया गया है। कहा की घुमारवीं क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य एफ.डी.आर. (Foamed Dense Road) तकनीक से किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि किसानों बागबानों की आर्थिकी को मजबूत करने के लिए शिवा प्रोजेक्ट के तहत 1200 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। उन्होंने बताया कि लंजता और तलवाड़ा में डेमोंसट्रेशन फॉर्म बनाए गए हैं। कहा की इसे युवाओं को रोजगार के साधन उपलब्ध होंगे। गत वर्ष 40 टन फलों का उत्पादन हुआ है।
उन्होंने कहा कि बजट के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुधारने का प्रयास किया गया है। बताया कि मनरेगा की दिहाड़ी₹320 बढ़ाई गई है। किसानों एवं पशुपालकों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए गाय और भैंस के दूध के समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने किसानों से जैविक फसलों की पैदावार अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि भराड़ी से बाड़ा दा घाट तक सोलर लाइट लगाई जाएंगी। थाने के पास तहसील भवन का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए उन्होंने स्थानीय लोगों से सहयोग देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि लोगों की सुविधा के लिए भराड़ी में सार्वजनिक शौचालय का भी निर्माण भी आगामी वर्ष तक कर दिया जाएगा।
इस अवसर पर मंत्री राजेश धर्माणी मेले में पहली बार आयोजित पशु मेले का भी शुभारंभ किया। उन्होंने प्रथम द्वितीय तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले पशु पालकों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
इस अवसर पर कृषि उपज मंडी समिति बिलासपुर के अध्यक्ष सतपाल वर्धन, मेला कमेटी प्रधान करतार सिंह चौधरी, उप प्रधान ख्यालीराम शर्मा, नगर परिषद उपाध्यक्ष श्याम शर्मा, डॉ जगदीश, पवना शर्मा, पर मंडल के प्रधान राजेश कुमार शर्मा,एस.डी.एम. घुमारवीं गौरव चौधरी के अतिरिक्त विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
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नगर नियोजन एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री मंत्री राजेश धर्माणी के जन्मदिवस पर रक्तदान शिविर आयोजित
BILASPUR, 02.04.25-टाउन एंड कंट्री प्लानिंग, आवास प्रबंध, तकनीकी शिक्षा, व्यवसायिक और औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी घुमारवीं द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर दधोल स्थित रजत बायोटेक परिसर में आयोजित हुआ, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने रक्तदान कर मानवीय सेवा का परिचय दिया।
मंत्री राजेश धर्माणी ने स्वयं शिविर में उपस्थित होकर विधिवत रूप से इसका शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि रक्तदान एक महान कार्य है जो अनगिनत जिंदगियों को बचाने में सहायक होता है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से आह्वान किया कि वे समय-समय पर रक्तदान करें और इस पुनीत कार्य में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।
शिविर में कांग्रेस पार्टी के ब्लॉक पदाधिकारी, कमेटी के सदस्य, पार्टी समर्थक एवं स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया। रक्तदान करने वाले दाताओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया और उनके इस निःस्वार्थ योगदान की सराहना की गई। इस अवसर पर विभिन्न वक्ताओं ने रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे मानवीय सेवा का सर्वोच्च उदाहरण बताया।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं ने कहा कि मंत्री राजेश धर्माणी के जन्मदिवस को सेवा दिवस के रूप में मनाते हुए यह रक्तदान शिविर आयोजित किया गया, जिससे जरूरतमंदों को जीवनदायी रक्त उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी इस प्रकार के समाजसेवी कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
इस अवसर पर चिकित्सा दल द्वारा रक्तदान के लाभों के बारे में जानकारी दी गई और लोगों को नियमित रूप से रक्तदान करने के लिए प्रेरित किया गया। रक्तदान करने वाले सभी 26 लोगों ने इस कार्य को अपने जीवन का गौरवशाली क्षण बताया और दूसरों को भी इसमें सम्मिलित होने की प्रेरणा दी।
इस सफल आयोजन के लिए ब्लॉक कांग्रेस कमेटी एवं स्थानीय प्रशासन को धन्यवाद देते हुए मंत्री धर्माणी ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ सेवा और सहयोग की भावना को प्रबल करते हैं। उन्होंने रक्तदाताओं का आभार व्यक्त किया और उन्हें समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
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अजमेरपुर ग्रीष्म उत्सव के अंतर्गत भव्य पशु मेला संपन्न
बिलासपुर 2 अप्रैल- अजमेरपुर ग्रीष्म उत्सव भराड़ी में एक भव्य पशु मेले का आयोजन किया गया, मेले का शुभारंभ नगर नियोजन एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्मानी ने किया।
इस दौरान विभिन्न श्रेणियों में गाय, भैंस और बकरियों की प्रतियोगिताएँ कराई गईं। इस आयोजन में कुल 18 श्रेणियों के अंतर्गत प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं, जिनमें दूध देने वाली भैंसें और गायें, गाभिन भैंसें और गायें, गाभिन बच्छड़ियां और कटड़ियां तथा एक से दो वर्ष की उम्र की बच्छड़ियां और कटड़ियां शामिल थीं। इसके अलावा, बीटल नस्ल की बकरियों और सिरोही नस्ल के बकरों एवं बकरियों ने भी प्रतियोगिता में भाग लिया।
प्रतियोगिता के तहत दूध वाली श्रेणी के विजेताओं को प्रथम पुरस्कार के रूप में ₹5000, द्वितीय पुरस्कार के रूप में ₹4000 और तृतीय पुरस्कार के रूप में ₹3000 प्रदान किए गए। गाभिन भैंसों और गायों की श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले को ₹4000, द्वितीय स्थान को ₹3000 और तृतीय स्थान को ₹2500 की पुरस्कार राशि दी गई। बच्छड़ियों के लिए प्रथम पुरस्कार ₹3000, द्वितीय ₹2500 और तृतीय ₹2000 निर्धारित किया गया, जबकि एक से दो वर्ष की कटड़ियों और बच्छड़ियों की श्रेणी में प्रथम पुरस्कार ₹2500, द्वितीय ₹2000 और तृतीय पुरस्कार ₹1500 दिया गया।
पशुपालन विभाग और अजमेरपुर मेला कमेटी के संयुक्त सौजन्य से इस मेले का आयोजन मेला पशु चिकित्सालय भराड़ी के प्रांगण में किया गया।
मंत्री श्री धर्मानी ने विजेता पशुपालकों को नगद पुरस्कार प्रदान किए। इसके साथ ही, उन्होंने पशुपालकों को प्रोत्साहित करने हेतु एक विशेष घोषणा करते हुए सभी गाय एवं भैंस पालकों को ₹2000 तथा बकरी पालकों को ₹1000 की प्रोत्साहन राशि अपनी ओर से देने की घोषणा की।
पशुपालकों ने मुख्य अतिथि का आभार व्यक्त किया और इस प्रोत्साहन को पशुपालन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि ने मेला कमेटी को सुझाव दिया कि हर वर्ष अजमेरपुर उत्सव के साथ पशु मेले का आयोजन सुनिश्चित किया जाए, जिससे स्थानीय पशुपालकों को अधिक अवसर और सुविधाएं प्राप्त हो सकें।
मेला कमेटी के प्रधान करतार सिंह चौधरी ने इस सुझाव पर सहमति जताते हुए हर वर्ष पशु मेला आयोजित करने का आश्वासन दिया।
प्रतियोगिता के विभिन्न वर्गों में विजेता पशुपालकों की सूची
जिसमें मुराह नस्ल की दूध देने वाली भैंस की श्रेणी में राजिंद्र प्रसाद, गाभिन भैंस की श्रेणी में सुरजीत सिंह (गांव मलोह), नीली रावी नस्ल की श्रेणी में भंडारी दीन (गांव बेनला) और गाभिन नीली रावी भैंस की श्रेणी में रीना देवी (गांव बरसंड) को प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया। होल्सटीन नस्ल की गायों में पूनम (गांव बड़ी करंगोड़ा), होल्सटीन फ्रीजिंग गाभिन गायों में बलवंत शर्मा (गांव भराड़ी), जर्सी नस्ल की दूध देने वाली गायों में गुलाम मोहम्मद (गांव बल्लू), जर्सी गाभिन श्रेणी में फरीद खान (गांव भदरेट) और देसी नस्ल की गायों में अनूप कुमार (गांव बाड़ां दा घाट) को प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
बकरियों की प्रतियोगिता में भी उत्साहजनक भागीदारी देखने को मिली। बीटल नस्ल के बकरों में श्यामलाल (पुत्र नंदलाल) को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ, जबकि बकरियों की श्रेणी में छोटू राम (गांव कजैल) विजेता बने। सिरोही नस्ल के बकरों की प्रतियोगिता में श्रीमती कांता (गांव दमेहडा) और बकरियों की श्रेणी में राहुल राणा (गांव स्वारा) को प्रथम पुरस्कार दिया गया।
कार्यक्रम के समापन पर मेला अधिकारी, सहायक निदेशक पशुपालन विभाग बिलासपुर, डॉ. के. एल. शर्मा ने सभी प्रतिभागी पशुपालकों का आभार व्यक्त किया और उन्हें इस तरह के आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ऐसे मेलों से न केवल पशुपालकों को आर्थिक लाभ होता है, बल्कि पशुपालन को एक व्यवसाय के रूप में अपनाने की प्रवृत्ति को भी बढ़ावा मिलता है।