1905 कांगड़ा भूकंप की 120वीं वर्षगांठ पर एकजुटता मार्च का आयोजन
बिलासपुर, 4 अप्रैल — जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) बिलासपुर द्वारा 1905 के विनाशकारी कांगड़ा भूकंप की 120वीं वर्षगांठ पर नागरिक एकजुटता मार्च का आयोजन किया गया। डीसी बिलासपुर, आबिद हुसैन सादिक (आईएएस) ने मार्च को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा, "आपदा की तैयारी और जोखिम में कमी के प्रयासों को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। हमें पिछली त्रासदियों से सीख लेकर भविष्य के नुकसान को कम करने की दिशा में काम करना चाहिए।"यह आयोजन उन हजारों पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने के लिए किया गया, जिन्होंने इस भीषण आपदा में जान गंवाई थी, ।
मार्च की शुरुआत डीसी ऑफिस बिलासपुर से हुई और यह सर्किट हाउस में समाप्त हुआ। मार्च चेतना चौक, कॉलेज चौक, गुरुद्वारा चौक और गांधी मार्केट से होकर गुजरा। इसमें स्वयं सहायता समूहों, रेड क्रॉस स्वयंसेवकों, स्कूल के छात्रों, शिक्षकों तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।
इस कार्यक्रम में डीआरओ बिलासपुर, डीडीएमए स्टाफ तथा विभिन्न हितधारक विभागों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। यह मार्च न केवल अतीत को याद करने का अवसर था, बल्कि आपदा-प्रवण क्षेत्रों में सामूहिक तैयारी और कार्रवाई की आवश्यकता पर बल देने वाला एक सशक्त संदेश भी था।
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आपदा जागरूकता दिवस के अवसर पर जिला कार्यालय बिलासपुर व एम्स बिलासपुर में भूकंप पर मॉक ड्रिल का सफल आयोजन आपदा जागरूकता दिवस (4 अप्रैल) के अवसर पर किया गया ।
गृह रक्षा विभाग की पांचवी वाहिनी टीम ने जिला कार्यालय व अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), बिलासपुर में हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), मंडी तथा अग्निशमन विभाग के सहयोग से भूकंप पर आधारित मॉक ड्रिल का आयोजन किया ।
डिप्टी कमिश्नर बिलासपुर आबिद हुसैन सादिक ने इस अवसर पर 1905 के कांगड़ा में आए विनाशकारी भूकंप का उल्लेख करते हुए कहा कि आपदाओं के प्रति जागरूकता और तत्परता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस तरह की मॉक ड्रिल का आयोजन जिले के सभी शैक्षणिक संस्थानों में किया गया है, इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक आपदा के दौरान सुरक्षा उपायों की जानकारी देना तथा राहत एवं बचाव कार्यों की त्वरित प्रतिक्रिया को सुनिश्चित करना था।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), बिलासपुर की ड्रिल में कुल 60 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें एम्स का नर्सिंग स्टाफ, फायर स्टाफ एवं सुरक्षा कर्मचारी शामिल थे। और
मॉक ड्रिल के दौरान 6 पीड़ितों को ढही हुई इमारत के अंदर से SDRF एवं अग्निशमन विभाग की टीमों द्वारा आपदा बचाव तकनीकों का प्रयोग करते हुए सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके अतिरिक्त, एक अन्य पीड़ित को दूसरी मंज़िल से रस्सी बचाव विधि द्वारा एचपी-फायर एवं एचपी-एसडीआरएफ की संयुक्त टीम ने सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया।इस अवसर पर एम्स, बिलासपुर कार्यकारी निदेशक दयानंद शर्मा , डीडीए मुकेश प्रसाद ,सुरक्षा प्रभारी डॉ. भूपेन्द्र यादव (ले. कर्नल, सेवानिवृत्त) ,वरिष्ठ सुरक्षा पर्यवेक्षक वीरेंद्र जम्वाल , अग्निशमन विभाग रणजीत सिंह , एसडीआरएफ कांस्टेबल (जीडी), नीरज ठाकुर, श्री संजय कुमार, श्री विक्रांत, श्री मुनीश नड्डा – ,अग्निशमन अधिकारी, बिलासपुर व जितेंद्र भरमोरिया उपस्थित रहे।
जिला प्रशासन द्वारा डीसी कार्यालय परिसर एवं विभिन्न शिक्षण संस्थानों में भी होमगार्डों के सहयोग से भूकंप पर आधारित मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस अभ्यास में भी 06 पीड़ितों को सुरक्षित रूप से निकाला गया।
इस अवसर पर जिला उपायुक्त बिलासपुर आबिद हुसैन सादिक, जिला राजस्व अधिकारी, नीलाक्ष शर्मा, जिला आपदा प्रबंधन से उदय, चंदन तथा अन्य विभागों से अधिकारी उपस्थित रहे।