चण्डीगढ़, 22.08.26- : डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्शन सोसाइटी ने नगर निगम प्रशासन को 8 दिन का अल्टीमेटम दिया है। सोसाइटी ने नगर निगम आयुक्त को स्मरण पत्र सौंपकर गारबेज कलेक्टर्स की 13 प्रमुख मांगों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। सोसाइटी पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि तय समयसीमा में मांगें पूरी नहीं हुईं तो शहरभर के गारबेज कलेक्टर्स आंदोलन शुरू करने को मजबूर होंगे।
सोसाइटी के प्रधान धर्मबीर राणा और जनरल सेक्रेटरी बिजेन्द्र दुलगच ने कहा कि नगर निगम एमओयू के नियमों का हवाला देकर कर्मचारियों के वेतन में कटौती तो तुरंत कर देता है, लेकिन कर्मचारियों के अधिकारों और सुविधाओं से जुड़े मामलों को लंबे समय से लंबित रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि 8 दिनों में मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन के लिए नगर निगम प्रशासन जिम्मेदार होगा।
ये हैं प्रमुख मांगें
सोसाइटी ने कमर्शियल एरिया का निष्पक्ष सर्वे कर एमओयू लागू करने, फेस अटेंडेंस के नाम पर होने वाली मनमानी वेतन कटौती रोकने, बरसाती और गमबूट की बकाया राशि जारी करने तथा वर्ष 2024-25 का लंबित एरियर देने की मांग की है। इसके अलावा कर्मचारियों को आईडी कार्ड और नियमित मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है।
दिवंगत गारबेज कलेक्टर्स के परिवारों को लंबित 2.50 लाख रुपये का बीमा क्लेम दिलाने, एमओयू ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी कर रुका वेतन जारी करने और घरों की संख्या के अनुपात में गाड़ियों का समान वितरण करने की मांग की गई है।
सोसाइटी ने वर्कशॉप में खड़ी 70 से 80 खराब गाड़ियों की मरम्मत कराने, कमर्शियल क्षेत्रों के लिए नई गाड़ियां उपलब्ध कराने और एमओयू ट्रांसफर होने तक दिवंगत कर्मचारियों के परिवारों को नियमित वेतन देने की मांग भी उठाई है।
इसके साथ ही एमआरएफ सेंटरों में ड्राइवरों का हर 3 से 6 महीने में रोटेशन, पिछले पांच वर्षों से रुके 10 लाख रुपये वार्षिक वेलफेयर फंड को बहाल करने और अन्य कर्मचारियों की तर्ज पर गारबेज कलेक्टर्स को रिहायशी मकान आवंटित करने की मांग की गई है।
सोसाइटी पदाधिकारियों ने कहा कि 8 दिन की समयसीमा समाप्त होने के बाद यदि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो गारबेज कलेक्टर्स अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरकर आर-पार का संघर्ष करेंगे।