- मंडी, 27 मार्च। हिमाचल प्रदेश भवन एवं सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड का एक दिवसीय जागरूकता शिविर उपमंडल बल्ह की ग्राम पंचायत लोअर रिवालसर में आयोजित किया गया। शिविर में श्रम एवं कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर ने बतौर मुख्यातिथि भाग लिया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश में पंजीकृत कामगारों और उन पर आश्रित बच्चों के कल्याण के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं क्रियान्वित की गई है। राज्य सरकार हर वर्ग के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है और प्रदेश के जरूरतमंद लोगों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने पर विशेष बल दे रही है। उन्होंने बताया कि जिला मंडी में लगभग 88 हजार श्रमिक व कामगार पंजीकृत हैं। पिछले एक वर्ष में जिला में लगभग 8 करोड़ 25 लाख 99 हज़ार रुपये प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत प्रदान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि उपमंडल बल्ह में लगभग 7 हज़ार कामगार पंजीकृत किए जा चुके हैं और सभी पात्र व्यक्ति योजनाओं का लाभ ले रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में पंजीकृत कामगारों और उन पर आश्रित बच्चों के विवाह के लिए प्रदान की जाने वाली सहायता राशि 51-51 हजार रुपये की गई है। बेटी जन्म उपहार पर 51 हजार रुपए, मातृत्व/पितृत्व प्रसुविधा पर 25 हजार व 7 हजार रुपए, लाभार्थियों के बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए 1 लाख 20 हजार रूपए तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। कंवर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने हर पंचायत में एकल नारी को अपना पक्का मकान बनाने के लिए 4 लाख रुपये की सहायता राशि का प्रावधान किया है।
उन्होंने कहा कि श्रमिक कामगार कल्याण बोर्ड में पंजीकरण करवाने के लिए भवन एवं अन्य निर्माण कार्य में कार्यरत श्रमिकों की आयु 18 से 60 वर्ष के मध्य होनी चाहिए तथा उनके लिए पिछले 12 माह में लगभग 90 दिन काम किया होना अनिवार्य है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश का हर एक मजदूर, अब आर्थिक रूप से सक्षम होगा। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के संवेदनशील नेतृत्व में राज्य सरकार इस दिशा में ठोस कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि बोर्ड का उद्देश्य है कि कामगारों व उनके परिजनों को कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं। वे सभी कामगार, जो भवन या अन्य सन्निर्माण कार्य, भवनों, मार्गों, सड़कों, सिंचाई, तटबांध, बाढ़ नियंत्रण कार्य, वर्षा जल की निकासी कार्य, विद्युत के उत्पादन, जल संबंधी कार्य, विद्युत लाइनों, टेलीफोन, तार तथा ओवरसीज संचार माध्यमों, बांधों, नहरों, जलाशयों, सुरंगों, पुल-पुलियों, पाइप लाइनों, टावर के निर्माण कार्यों, मरम्मत या रख-रखाव अथवा इनके निर्माण या गिराये जाने से सम्बन्धित कार्य करने में सम्मिलित हैं, वे सभी कामगार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत हो सकते हैं।
इससे पूर्व शिविर में कृषि उपज विपणन समिति के अध्यक्ष संजीव गुलेरिया ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने अगले वित्त वर्ष के लिए घोषित बजट में कल्याणकारी योजनाओं एवं ग्रामीण विकास पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। प्रदेश सरकार द्वारा जरूरतमंद एवं निराश्रितों के कल्याण के लिए भी विभिन्न योजनाएं आरम्भ की गई हैं।
जिला श्रम कल्याण अधिकारी मंडी अनिल ठाकुर ने मुख्यातिथि का स्वागत किया।
शिविर में नगर पंचायत, ग्राम पंचायत के पदाधिकारियों व अन्य गणमान्य सहित महिला मण्डल, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं व श्रमिकों तथा कामगारों ने भाग लिया।